अध्याय 2 — मनुष्य-स्वभाव और विवेक
मानव-स्वभाव, संगति और विवेक के सूत्र — सामग्री शीघ्र प्रकाशित होगी।
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ॐ असतो मा सद्गमयतमसो मा ज्योतिर्गमयसत्यमेव जयतेवासुधैव कुटुम्बकम्कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचनसर्वे भवन्तु सुखिनःसर्वे सन्तु निरामयाः
